पिछले साल पाकिस्तान के साथ सैन्य अभ्यास कर के अपने 'करीबी दोस्त' भारत को नाराज करने वाला रूस अब भारत के साथ त्रिकोणीय युद्ध अभ्यास करने वाला है।
भारत और रूस के बीच इस साल के अंत में एक बड़ा सैन्य अभ्यास होगा जिसमें आर्मी, एयरफोर्स और नेवी की भागीदारी के साथ त्रिकोणीय युद्ध अभ्यास होने की भी संभावना है।
मजबूत सामरिक रिश्ते रखने वाले भारत और रूस के बीच इस तरह का यह पहला युद्ध अभ्यास होगा। इसके अलावा इंडियन आर्मी और नेवी रूस के साथ अलग से सैन्य अभ्यास 'इंद्र' करेंगी।
रक्षा मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा, 'अक्टूबर-नवंबर में रूस में होने सैन्य अभ्यास में आर्मी, नेवी और एयरफोर्स यानी तीनों सेनाओं के जवान और हथियार शामिल होंगे। यह पहली बार होगा जब भारत की तीनों सेनाएं एक साथ किसी देश का साथ अभ्यास करेंगी।'
संयोग से भारत-रूस के बीच युद्ध अभ्यास से पहले रक्षा मंत्री अरुण जेटली अतंरराष्ट्रीय सुरक्षा पर आयोजित होने वाली मॉस्को कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए 25-26 अप्रैल को रूस में रहेंगे।
एक सूत्र ने बताया, 'भारत और रूस ने इंद्र अभ्यास के लिए शुरुआती तैयारी को लेकर बैठक हो चुकी है। इसके फॉर्मैट, इसमें शामिल होने वाले सैनिकों की संख्या और हथियारों को लेकर बातचीत हुई है। इसे अंतिम रूप देने के लिए जल्द ही दो और कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी।'
रक्षा सप्लायर रहा रहा रूस
रूस भारत के लिए पिछले काफी दशकों से सबसे बड़ा रक्षा सप्लायर रहा रहा है। 1960 के दशक से देखा जाए तो भारत रूस से 50 बिलियन डॉलर से ज्यादा के हथियार और सैन्य सामग्री खरीद चुका है, लेकिन दोनों देशों की सेनाओं के बीच उस अनुपात में सैन्य अभ्यास नहीं होता।
भारतीय वायु सेना ने 2014 में रूसी वायु सेना के साथ एक अभ्यास 'एविया इंद्र' में भाग लिया था। दूसरी तरफ भारत और अमेरिका के बीच लगभग हर साल सैन्य अभ्यास होते हैं। इन सैन्य अभ्यासों में मालाबार अभ्यास भी शामिल है जिसमें जापान भी हिस्सा लेता है।
इसके अलावा काउंटर टेरर अभ्यास वज्र प्रहार भी दोनों देशों की सेनाओं के बीच होता रहा है।
संबंधों को और मजबूत करने की कवायद
भारत और रूस ने भी इसी तर्ज पर द्विपक्षीय सैन्य संबंधों को और मजबूत करने की कवायद शुरू की है। दरअसल, रूस ने पिछले साल सितंबर में पाकिस्तान के साथ सैन्य अभ्यास कर के भारत को नाराज कर दिया था।
भारत ने रूस के सामने इसे लेकर विरोध भी दर्ज कराया था, क्योंकि वह अभ्यास ऐसे वक्त पर किया गया था जब पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने भारतीय सेना के उरी कैंप पर हमला किया था जिसमें 19 भारतीय जवान शहीद हो गए थे।
हालांकि बाद में रूस की ओर से इस तरह की खबरें आई थीं कि अब वह पाकिस्तान के साथ सैन्य अभ्यास करने से परहेज करेगा