भारत सरकार में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जवानों की सेवा में आ रही समस्या को सुनने के लिए दो ऐप लॉन्च करने वाले हैं। एमएचए ग्रिबेंसेस रिड्रेसल एप और बीएसफमाईएप्प की लॉन्चिंग गुरुवार को होने की पूरी संभावना है।
एमएचए ग्रिबेंसेस रिड्रेसल ऐप के जरिए सभी पैरामिलिट्री फोर्स के जवान और बीएसफमाईएप्प के जरिए बीएसएफ के जवान खुद की और फोर्स की समस्याओं को उठा सकेंगे। इन समस्याओं को फोर्स और मंत्रालय के स्तर पर निपटाया जाएगा।
ऐसी कोशिश भी की जा रही है कि इन ऐप को किसी तरह हैक न किया जा सके। इसके अलावा इसके मार्फत सिर्फ फोर्स से जु़ड़े लोगों के इस्तेमाल किए जाने की ही बात कही जा रही है। इस ऐप में ऐसी व्यवस्था की गई है कि जवान इसे खुद डाउनलोड करें और फिर उसे वेरीफाई करें।
ताकि जवान न ले सोशल मीडिया का सहारा
बीते कुछ महीने से बीएसएफ और पैरामिलिट्री फोर्सेस के साथ-साथ इंडियन आर्मी से भी असंतोष की घटनाएं रिपोर्ट हुई हैं। जवानों ने अपनी समस्याओं और गुस्से को जाहिर करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया था।
इससे न सिर्फ फोर्सेस के भीतर यह मुद्दा बड़ा हो गया बल्कि तूल पकड़ने पर जवान तेज बहादुर को बर्खास्त कर दिया गया है। इसके लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई का हवाला दिया गया है।
अब धरने पर बैठेंगे तेजबहादुर
तेज बहादुर अब अपनी मांगों को लेकर 14 मई को धरने पर बैठने जा रहे हैं। उन्होंने अपने धरने के लिए जतंर मंतर को चुना है। वे इससे पहले गृह मंत्री से भी मुलाकात कर सकते हैं। इससे पहले तेज बहादुर ने बीएसएफ के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए दावा किया था कि जवानों को कई बार खिचड़ी के सहारे रहना पड़ता है।
जवानों के विरोध का परिणाम हैं ये ऐप
ऐसा माना जा रहा है कि सेना और पैरामिलिट्री फोर्सेस के भीतर पनप रहे असंतोष की आग को शांत करने के लिए ही सरकार और गृह मंत्रालय ने इन ऐप को लॉन्च किया है।
बीते दिनों जवान वीर बहादुर द्वारा सोशल मीडिया पर जारी वीडियो की वजह से फोर्सेस और सरकार की खासी भद्द पिटी थी। इन वीडियोज के वायरल होने के बाद गृह मंत्रालय ने बीएसएप से विस्तृत रिपोर्ट मंगवाई थी।
अब इन्ही समस्याओं के निपटारे के मद्देनजर गृह मंत्री राजनाथ सिंह आज दो ऐप लॉन्च कर रहे हैं। अब देखना होगा कि आखिर ये ऐप किस कदर प्रभावी हो सकेंगे।